जैसे ही यह बात सामने आई की मैं मरने वाला हूँ, मुझसे ज्यादा परिवर्तन दूसरो मैं आने लगा|
ना ही मुझे अलादीन का खजाना मिलने वाला था, और न ही मैं बिल गेट्स की औलाद बनने वाला था|
पर परिवर्तन तो हो रहा था, जो मुझे दिखाए दे रहा था|
अब मैं अनपे भांजो का मामे से मामाजी हो गया था, ससुर का दामाद से बेटाजी हो चुका था |
वीक् end पर याद आने वाला भगवान अब मेरे घर वालो को रोज याद आने लगा था|
पडोसियो से भी रोज की नोक झोक खत्म होने लगी थी|
अब तो टिकेट खरीदने के लिए भी ज्यादा समय तक क़तर में नही खड़ा होना पड़ता था|
सरकार ने मुझ जैसो पर तरस खा कर मरने वालो के लिए एक अलग काउंटर खोल दिया था|
सारी चीजे वैसे ही होने लग गयी थी जैसी की होने चाहेयी थी, सारे काम समय पर खत्म होने लगे थे|
कभी कभी मैं सोचा करता की अगर मैं मर नही रहा होता तो क्या सब कुछ ऐसा ही होता जैसे की है|
तो कंही से जवाब आता की नही तुम्हे मरना ही पड़ेगा |
अब जब मैं मर गया हूँ तो सिर्फ़ उन दिनों को याद करना चाहता हूँ, जब मेरी मरने की ख़बर फ़ैल चुकी थी|
तब शायद जाके लोगो ने मेरी और मैंने अपनी कीमत पहचानी थी |
तोह क्या हम किसी कीमत तभी पहचानते जब वह मरने वाला होता है या मर चुका होता है ?????
Sunday, November 15, 2009
Sunday, August 30, 2009
मंजील की तलाश
वह कमरे के किसी कोने में बैठकर मुझे ताडा करता
रह रह कर मेरा ध्यान अनपी ओ़र खीचा करता
जब मैं बेचैन होकर उसे तलाशा करता, तोह वह किसी कोने मैं बैठा मुस्कुराया करता
जब मैं मुस्कुराता तोह वह मुझ पर हंसा करता
वह आज भी मेरे आस पास ही हुआ करता है, पर शायद अब वह पहले से ज्यादा दिखा करता है
Wednesday, June 24, 2009
मैं मैं नही होता तो क्या होता?
रह रह कर एक बात दिमाग मे आ जाती है,
पता नही सिर्फ़ मेरे ही आती है, या सबके दिमागों मेंआती है।
बात बहुत ही साधारण सी है, बात यह है की
मैं मैं नही होता तो क्या होता ???????????
शायद मैं ये होता या मैं वोह हो जाता
अगर मैं ये होता तोह शायद ऐसा होता, अगर मैं वोह होता तोह शायद मैं वैसा होता
अच्छा है की मैं, मैं ही हूँ कोई और नही, वरना पता नही क्या हो जाता
पता नही सिर्फ़ मेरे ही आती है, या सबके दिमागों मेंआती है।
बात बहुत ही साधारण सी है, बात यह है की
मैं मैं नही होता तो क्या होता ???????????
शायद मैं ये होता या मैं वोह हो जाता
अगर मैं ये होता तोह शायद ऐसा होता, अगर मैं वोह होता तोह शायद मैं वैसा होता
अच्छा है की मैं, मैं ही हूँ कोई और नही, वरना पता नही क्या हो जाता
Wednesday, May 6, 2009
Monday, April 13, 2009
Thursday, April 2, 2009
Wednesday, April 1, 2009
Subscribe to:
Posts (Atom)
