अगर आप आश्चर्यवाचक (!) है, तो आपको जिन्दगी मैं अलपविरम (,) की जरुरत होती है|
पूर्णविराम (|) की नही, अपीतु आप की जिन्दगी दूसरो के लिए हमेशा ही प्रशंवाचक (?) होती है|
Thursday, April 2, 2009
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Jab kush hota hoon toh kushi kushi likh leta hoon... Jab dukhi hota hoon toh dukhi man se likh leta hoon... Jab kutch nahi ker raha hota hoon toh yu hi likh leta hoon...
स्वागत ब्लॉग परिवार में.
ReplyDeleteअच्छा विचार है
ReplyDeleteहिन्दी ब्लॉग परिवार में आपका स्वागत है ,अपनी लेखनी से हिन्दी में योगदान दें ।
किसी प्रकार की कोई सहायता जगत के लिए पूरे ब्लॉग जगत से निसंकोच प्रश्न करें ,
वाह जी वाह , मज़ा आ गया
धन्यवाद
अपनी अपनी डगर
अगर आप मुझे इसका मतलब समझा सकें तो आपकी अति कृपी होगी..क्योकि मुझे आपके इस विचार को समझने में कठिनाई हो रही है
ReplyDeleteआपका हिंदी ब्लॉग जगत में स्वागत है ........
ReplyDeletekya baat kahi hai !
ReplyDeleteचिट्ठाजगत में आपका हार्दिक स्वागत है ,आपके लेखन के लिए मेरी शुभकामनाएं ........
pataa nahiN aap kya kahna chahte haiN
ReplyDeleteaur
pataa nahiN maiN comment kyoN kar rahaa huN !
बहुत सुंदर…..आपके इस सुंदर से चिटठे के साथ आपका ब्लाग जगत में स्वागत है…..आशा है , आप अपनी प्रतिभा से हिन्दी चिटठा जगत को समृद्ध करने और हिन्दी पाठको को ज्ञान बांटने के साथ साथ खुद भी सफलता प्राप्त करेंगे …..हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।
ReplyDeleteआपके इस सुंदर से चिटठे के साथ आपका ब्लाग जगत में स्वागत है…..आशा है , आप अपनी प्रतिभा से हिन्दी चिटठा जगत को समृद्ध करने और हिन्दी पाठको को ज्ञान बांटने के साथ साथ खुद भी सफलता प्राप्त करेंगे …..हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।
ReplyDeleteइस भावपूर्ण अभिव्यक्ति के लिए परशंसा प्राप्त करे /amitjain
narayan....narayan...narayan
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