Thursday, April 2, 2009

अगर आप आश्चर्यवाचक (!) है, तो आपको जिन्दगी मैं अलपविरम (,) की जरुरत होती है|
पूर्णविराम (|) की नही, अपीतु आप की जिन्दगी दूसरो के लिए हमेशा ही प्रशंवाचक (?) होती है|

9 comments:

  1. स्वागत ब्लॉग परिवार में.

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  2. अच्छा विचार है


    हिन्दी ब्लॉग परिवार में आपका स्वागत है ,अपनी लेखनी से हिन्दी में योगदान दें ।
    किसी प्रकार की कोई सहायता जगत के लिए पूरे ब्लॉग जगत से निसंकोच प्रश्न करें ,
    वाह जी वाह , मज़ा आ गया
    धन्यवाद
    अपनी अपनी डगर

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  3. अगर आप मुझे इसका मतलब समझा सकें तो आपकी अति कृपी होगी..क्योकि मुझे आपके इस विचार को समझने में कठिनाई हो रही है

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  4. आपका हिंदी ब्लॉग जगत में स्वागत है ........

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  5. kya baat kahi hai !
    चिट्ठाजगत में आपका हार्दिक स्वागत है ,आपके लेखन के लिए मेरी शुभकामनाएं ........

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  6. pataa nahiN aap kya kahna chahte haiN
    aur
    pataa nahiN maiN comment kyoN kar rahaa huN !

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  7. बहुत सुंदर…..आपके इस सुंदर से चिटठे के साथ आपका ब्‍लाग जगत में स्‍वागत है…..आशा है , आप अपनी प्रतिभा से हिन्‍दी चिटठा जगत को समृद्ध करने और हिन्‍दी पाठको को ज्ञान बांटने के साथ साथ खुद भी सफलता प्राप्‍त करेंगे …..हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।

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  8. आपके इस सुंदर से चिटठे के साथ आपका ब्‍लाग जगत में स्‍वागत है…..आशा है , आप अपनी प्रतिभा से हिन्‍दी चिटठा जगत को समृद्ध करने और हिन्‍दी पाठको को ज्ञान बांटने के साथ साथ खुद भी सफलता प्राप्‍त करेंगे …..हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।
    इस भावपूर्ण अभिव्यक्ति के लिए परशंसा प्राप्त करे /amitjain

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